Breaking : 13 को रिलीज होने वाली छत्तीसगढ़ी फिल्म ‘जानकी भाग-1’ को सेंसर बोर्ड ने नहीं दी अनुमति

रायपुर। छत्तीसगढ़ी और हिंदी में बनी फिल्म ‘जानकी भाग-1’ की रिलीज़ पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। एन माही फिल्म्स के बैनर तले बनी इस महिला प्रधान फिल्म को 13 जून को छत्तीसगढ़ समेत पूरे भारत में रिलीज़ किया जाना था, लेकिन ठीक चार दिन पहले सेंसर बोर्ड ने फिल्म को सर्टिफिकेट देने से इंकार कर दिया। बोर्ड का कहना है कि फिल्म का नाम बदला जाए, यह “ऊपर से आदेश” है।
इस फैसले से फिल्म के निर्माता और निर्देशक मोहित साहू बेहद निराश हैं। उन्होंने अपनी पीड़ा सोशल मीडिया पर साझा करते हुए लिखा कि, “अगर बोर्ड को आपत्ति थी तो पोस्टर, टीज़र और अन्य सामग्री पास करते समय ही सूचित करते। अब जब रिलीज़ की तारीख नजदीक है, तब सर्टिफिकेट रोकना बेहद निराशाजनक है।”

महिला प्रधान फिल्म, कोई फुहड़ता नहीं
निर्देशक मोहित साहू ने स्पष्ट किया कि फिल्म की कहानी मुख्य किरदार जानकी पर आधारित है, और यह पूरी तरह से महिला प्रधान, सांस्कृतिक और सामाजिक सरोकारों पर आधारित है। फिल्म में किसी भी प्रकार की फुहड़ता नहीं है, फिर भी सेंसर बोर्ड द्वारा नाम बदलने की मांग और सर्टिफिकेट रोकना न्यायोचित नहीं है।
मुंबई में किए 80 हजार रुपये जमा, फिर भी नहीं मिली अनुमति
मोहित साहू ने बताया कि वे सोमवार को मुंबई सेंसर बोर्ड कार्यालय पहुंचे और अर्जेंट सर्टिफिकेशन के लिए ₹80,000 जमा भी किए। इसके बावजूद उन्हें कहा गया कि जब तक फिल्म का नाम बदला नहीं जाएगा, सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा।
कोर्ट जाने की तैयारी
मोहित साहू ने घोषणा की है कि वे इस अन्याय के खिलाफ कोर्ट का रुख करेंगे और ‘जानकी भाग-1’ टाइटल के साथ ही फिल्म को रिलीज़ करेंगे। उनका कहना है कि वे इस फिल्म के माध्यम से छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और सामाजिक परिवेश को देश-विदेश तक पहुंचाना चाहते हैं, और ये प्रयास बिना समझौते के जारी रहेगा।














